बिटकॉइन उपयोग, हैदराबाद से ज़्यादा हिन्दुपुर में ।

हमारे पिछले एक लेख में भारत के कस्बे और शहरों में बिटकॉइन का अंगीकरण के बारे में विवरण दिए थे। भारत में बिटकॉइन का उपयोग बढ़ता जा रहा है, पर यह बढ़ती सामान तरीके से नहीं हो रहा है ।  भारतीय अखबार ‘हिन्दू‘ के एक लेख का अनुसार देश का हैदराबाद शहर में बिटकॉइन का प्रयोग बहुत कम है।

इस वृत्तांत  के अनुसार, भारत में अधिकतर बिटकॉइन का उपयोग हैदराबाद जैसा शहरों से नहीं पर हिन्दुपुर जैसे दूसरे  टीयर 2 शहरों में ज़्यादा है । बड़े शहरों में, बैंगलोर और  मुंबई में बिटकॉइन का वृद्धि हो रहा  है।

भारतीय बिटकॉइन विनिमय मंच BTCXIndia का संस्थापक कामेश के अनुसार छोटे शहरों में रहने वाले लोगों में बिटकॉइन के ऊपर बढ़ती हुई दिलचस्पी विस्मयकारी है । एक सिद्धांत यह है कि छोटे बिटकॉइन भुगतान विदेशी नियोक्ताओं के सेवा में लगे हुए फ्रीलांसरों के तरफ से हैं। जिनके दोस्त और परिवार वलों विदेशों में है , वह लोग बिटकॉइन का ज़्यादा उपयोग करते है।

भारत में बिटकॉइन का स्थिति आशाजनक है और निकट भविष्य में हम इसको एक प्रमुख मुद्रा के रूप में उभरते देख सकते है ।


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अग्रणी भुगतान कंपनी PayPal ने कुछ दिन पहले अपने कंपनी के बोर्ड पर प्रसिद्ध बिटकॉइन उद्यमी वेन्सेस सिसारेस (Wences Cesares) को शामिल किया है। वेन्सेस सिसारेस Xapo बिटकॉइन वॉलेट कंपनी का प्रमुख है। इस स पहले उन्होंने अपना पुराने कंपनी लेमन वॉलेट को लाइफलॉक  नाम का दक्षिण अमरीकी कंपनी को बेचा था।

वेन्सेस सिसारेस बिटकॉइन उद्यम में एक अनुभवी शख्स है और उनका अनुभव PayPal को बिटकॉइन क्षेत्र में सेवाओं को शुरू करने का अवसर पर काम आएगा | PayPal ने 2014 में डिजिटल सामग्री भेजने वाले व्यापारियों को बिटकॉइन में सौदा करने का व्यवस्था है। अब तक PayPal ने सीमित तरह से बिटकॉइन का लाभ उठाया है, पर अब वेन्सेस सिसारेस का मार्गदर्शन से अपना सेवाओं का विस्तारण का प्रयास करने का सम्भावना है।

इस नए बदलाव को समायोजित करने के लिए, PayPal को अपने बोर्ड में एक नया जगह बनाना पड़ा है। इस से पहले PayPal ने अपने मूल कंपनी eBay से अलग होने का समय Braintree का हासिल किया ठाट. Braintree और कॉइनबेस के साझेदारी का इस्तेमाल करके paypal कुछ महीनों में अपने पूरा नेटवर्क में आसानी से शामिल कर सकता है।

कॉइनसिक्योर (CoinSecure) , बैंगलोर में स्थित बिटकॉइन कंपनी ने अपने टीम को बढ़ाया है । 18 तारीख को कंपनी ने इ-मेल द्वारा एलिज़ाबेथ मेकौली (Elizabeth McCauley) के कॉइनसिक्योर से जुड़ने का घोषणा किया । एलिज़ाबेथ मेकौली कॉइनसिक्योर में ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट के प्रमुख के स्थान हासिल करेगी । यह पद में वह इस भारतीय बिटकॉइन कंपनी को विश्वीय कंपनी बनाने का ज़िम्मेदारी निभाएगी ।

कॉइनसिक्योर से जुड़ने से पहले एलिज़ाबेथ मेकौली बिटगिव फाउंडेशन (BitGive Foundation) के समिति का सदस्य और सलाहकार की रूप में काम कि है। बिटगिव के अलावा उन्होंने बिट-पे (BitPay) में भी कुछ वक़्त बितायी होगी । कॉइनसिक्योर इस साल भारत को दुनिया के बिटकॉइन नक्शा पर शामिल करने का इरादा किया है और उस दिशा में अपना पूरा प्रयास डाल रहा है । इस से पहले कॉइनसिक्योर ने बिटगिव फाउंडेशन को $5000 का दान करके सिल्वर डोनर का मान्यता पायी है ।

और दूसरे समाचार में, कॉइनसिक्योर ने कुछ दिन पहले अपने एक बैंकिंग साथी – ICICI के सेवा में कुछ समस्याओं के बारे में अपने ग्राहकों को सन्देश भेजा था । इसके कारण वह अपने ग्राहकों को पैसे जमा करने के लिए कंपनी का HDFC बैंक और YES बैंक खताओं का परायों करने का विनती किया है ।

हम आशा करते है की इस साल भारतीय बिटकॉइन क्षेत्र को अच्छा निकलेगा और अपने देश में बिटकॉइन का उपयोग बढ़ेगा ।

बिटकॉइन सम्बन्धित साइबर-क्राइम (cybercrime) अब भारत में अपने सर दिखाया है। बिटकॉइन को अपराधियों का पसंदीदा मुद्रा या करेंसी माना जाता है। बिटकॉइन दूसरे करेंसी के तरह नहीं है, बिटकॉइन से संबंधित अनामिता लाभ उठाने की उद्देश्य में अपराधियों ज़्यादा तर इस डिजिटल करेंसी का उपयोग करते आ रहे है।

आज कल बैंकों और कंपनियों के कम्प्यूटरों और सेर्वेरों के ऊपर रैंसमवेयर (ransomware) हमले बढ़ता जा रहा है और इस बार यह हमला कुछ भारतीय बैंकों और दवा कंपनी के ऊपर किया गया है । अब तक कोई भी भारतीय कंपनी इस हमले का शिकार नहीं हुआ था । हाली के समाचार रिपोर्ट में इस रैंसमवेयर हमले का खबर Economic Times में उपलब्ध है। इस समाचार के अनुसार साइबर अपराधियों ने तीन भारतीय बैंकों और एक दवा कंपनी के कम्प्यूटरों को Le Chiffre नामक रैंसमवेयर से संक्रमित किया है। इस संक्रमण से कम्प्यूटरों में मौजूद सारे फ़ाइलें एन्क्रिप्शन के कारण निष्प्रयोजन हो गया है ।

Le Chiffre रैंसमवेयर ने कंप्यूटर में मौजूद फाइलो को 256 बिट पब्लिक की क्रिप्टोग्राफ़ी (256 bit public key cryptography ) के सहारे एन्क्रिप्ट करता है और इस को वापस डिक्रिप्ट करने के लिए उस पब्लिक की से संबंधित प्राइवेट की (private key) ज़रूरी है । इस प्राइवेट की रैंसमवेयर हमले करने वाले साइबर अपराधियों के पास होगा और उसे प्राप्त करने के लिए मांगे हुए फिरौती को देना पड़ेगा । समाचार सूत्रों के अनुसार एक संक्रमित कंप्यूटर के लिए यह साइबर अपराधी 1 बिटकॉइन का फिरौती का मांग प्रस्तुत किये है । इसी समाचार में यह भी पता चला है की रैंसमवेयर से प्रभावित दवा कंपनी ने कुछ हद तक अपराधियों का मांग पूरा किया है था की कंपनी के ऊंचे पद के कार्यकर्ताओं अपने कम्प्यूटरों का इस्तेमाल कर सके।

अब तक स्थिति का पूरा अद्यतन नहीं मिला है और हम नये सूत्रों का इंतज़ार में है । आगे की जानकारी मिलने के बाद हम इस समाचार को विस्तृत रूप में पेश करने का उम्मीद रखते है ।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है जिसका आबादी चीन के पीछे दूसरा स्थान पर है। भारत देश का सकल घरेलू उत्पाद $2 ट्रिलियन है। बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी के मामले में भारत के जनसंख्या अब तक पूरी तरह से परिचित नहीं है।

विश्व का सबसे उच्च प्रशिक्षित तकनीकी कार्य बल भारत में मौजूद है और यहाँ ज्यादातर लोग इंटरनेट से जाने पहचाने है। Ericsson का एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के निचले सामाजिक-आर्थिक तबके में मोबाइल फ़ोन और इंटरनेट का प्रयोग बढ़ता जा रहा है, जो देश का अधिवृद्धि के लिये महत्वपूर्ण है।

इस देश का अर्थव्यवस्था में विदेशी प्रेषण बहुत महत्व रखता है। साल 2014 में भारत का कुल विदेशी प्रेषण $70.4 बिलियन से ज़्यादा था , जो विश्वरथ पहला स्थान लेता है। विदेश में काम करने वाला भारत के नागरिक हर महीना अपने आमदनी के एक हिस्सा को वापस स्वदेश में रहने वाले अपने घरवालों को भेजते है।

अब तक लोग पैसे को विदेश से वापस भेजने के लिए बैंक ट्रान्सफर या वेस्टर्न यूनियन (Western Union) जैसा सेवाओं का इस्तेमाल करते आ रहे है । बिटकॉइन इन सब आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर सकता है। बिटकॉइन के ज़रिये किफायती विदेशी प्रेषण आसान और तेज़ है । दुनिया का किसी भी कोने से बिटकॉइन के ज़रिये किसी को मिनटों में पैसे भेजा जा सकता है। बिटकॉइन को विदेशी प्रेषण माध्यम के रूप में इस्तेमाल करने के लिए बस बिटकॉइन वॉलेट का आवश्यकता पड़ता है । पैसों को  के रूप में प्राप्त करने के बाद बिटकॉइन विनिमय मंच का इस्तेमाल करके बिटकॉइन भारतीय रुपयों में बदला जा सकता है।

भारत में 2-3 प्रसिद्ध बिटकॉइन विनिमय प्लेट फार्म उपलब्ध है। उन में से कॉइनसिक्योर (CoinSecure), उनोकॉइन (UnoCoin) और जेब-पे (ZebPay) का नाम उल्लेखनीय है। भारत में बिटकॉइन आधारित प्रेषण बड़ा क्षमता रखता है और भविष्य हम इसे और बढ़ता हुआ देख सकते है ।

कुछ दिन पहले भारतीय रिज़र्व बैंक ने वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नए सुझावों का विकसित और अनुसंधान को प्रोत्साहन करने का उद्देश्य में प्रतियोगिता आयोजन करने का ऐलान किया था । इस प्रतोयोगिता का आयोजन बैंकिंग प्रौद्योगिकी विकास और अनुसंधान संस्था (इंस्टिट्यूट फॉर डवलपमेंट एंड रिसर्च इन बैंकिंग (DBRT) ) पर निर्भर है।

इस प्रत्योगता में लोग व्यक्तिक, सामूहिक या स्टार्ट अप के रूप में भाग ले सकते है । रिज़र्व बैंक के इस पहल को भारतीय तकनीकी और वित्तीय प्रोद्योगिकी कंपनियों के सदस्यों ने तारीफ़ किया है| इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी को रिज़र्व बैंक के तरफ से नगद पुरस्कार और उद्धरण मिलेगा । प्रतियोगियों को वित्तीय संगठनों के प्रतिनिधियों को अपने सुझावों को पेश करने का मौका भी मिलेगा । सभी सुझावों को इस विशेषज्ञों का पैनल के ऊपर मूल्यांकन करने का ज़िम्मेदारी दिया जाएगा। सबसे अच्छे सुझावों को प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया जाएगा। विजयी सुझावों को विश्लेषण करने के बाद रिज़र्व बैंक उन्हें अपनाने का या ना अपनाने का निर्णय लेगा

भारतीय रिज़र्व बैंक के इस प्रतियोगिता में बिटकॉइन का ब्लॉकचाईन तंत्र ज्ञान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का सम्भावना है ब्लॉकचाईन तंत्र ज्ञान को बहुत से बैंकों ने अपनाने का कोशिश में लगे हुए है । रिज़र्व बैंक इस प्रतियोगिता के ज़रिए ब्लॉकचाईन को अपनाने का कोशिश कर रहा है ।

भारतिय बिटकॉइन (Bitcoin) ट्रेडिंग मंच कॉइनसिक्योर (CoinSecure) अब अंतर्राष्ट्रीय बिटकॉइन विनिमय मंचों के सूची में अपना जगह बना लिए है। कुछी दिन पहले, बिटकॉयन चेकर नाम के मशुर मोबाइल एप्लीकेशन ने अपने प्रमुख बिटकॉइन विनिमय मंचों के सूची में कॉइनसिक्योर के नाम बी जोड़ा है।

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बिटकॉइन चेकर (Bitcoin Checker), प्रमुख बिटकॉइन विनिमय और ट्रेडिंग मंचों पर बिटकॉइन के मूल्य का स्तिथि गतियों के बारे में वास्थावोक काल में जानकारी देता है। इस एप्लीकेशन मे कॉइनसिक्योर सबसे पहला भारतिय बिटकॉइन कंपनी है।

बिटकॉइन चेकर एप्लीकेशन अबी गूगल के एंड्राइड और एप्पल के ईओस साधनों के लिए उपलब्ध है। फ़िलहाल बिटकॉइन चेकर पर करीब 100 बिटकॉइन विनिमय और ट्रेडिंग मंचों का खबर मिलता है। अगर आप चाहिए तो बिटकॉइन चेकर एप्लीकेशन को यहाँ से डाउनलोड कर सकते है।

जेब-पे (ZebPay), भारतीय मोबाइल बिटकॉइन वॉलेट कंपनी ने हाल ही में अपने ग्राहकों को MMM जैसे Ponzi योजनाओं से दूर रहने का निवेदन किया है। वे अपने सभी उपयोगकर्ताओं को ईमेल की ज़रिये भेजे गये सलाहकार में जेब-पे के सेवाओं का इस्तेमाल करके MMM जैसे योजनाओं में निवेशन करने से प्रतिबंध किया है।

MMM योजना को सेर्गेई मवरोड़ी (Sergei Mavrodi) नामक रुसी मिद्धदोष अपराधी ने शुरू किया है। पहले बार 1994 में सेर्गेई MMM को रूस में शुरू किया था, उन्होंने MMM के द्वारा लोगों को लग बैग 10 बिलियन डॉलर तक का नुकसान पहुंचा था जिसके वजह से  उसे 4 साल का जेल सज़ा और जुर्माना हुआ था। 1997 में बांध होने के बाद , सेर्गेई फिर से MMM-2011 शुरू किया जिस में अभी बिटकॉइन के स्वर निवेशन करने का सुविधा बनाया गया। MMM-2011 अभी एशिया और दक्षिणा अफ्रीका देशों में प्रसिद्धि पाया है। सरकार और बिटकॉइन उद्यमियों के चेतावनियों के बावजूद चीनी निवेशकों ने MMM योजना में बिटकॉइन के रूप में बहुत सारे पैसों का निवेशन किया है।

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MMM, निवेशकों को अपने निवेशन के ऊपर उच्छ्तम् प्रतिफल का उम्मीद दे कर अपने बस में कर रहा है । भारत में बे बहुत से लोग इंटरनेट पर MMM के विज्ञापनों को देख कर ये विश्व प्रसिद्ध Ponzi योजना का बलि पद रहे है और जेब पे इसको रोकने की आशा में स्पष्ट चेतावनी का घोषणा किया है । जो लोग जेब-पे का चेतावनी का उल्लंघन करके MMM जैसे Ponzi योजनाओं में उनके सेवाओं का अनुचित दुरुपयोग कर के बिटकॉइन निवेशन करते है, उनके जेब-पे खथाओँ को बांध किया जाएगा। यह बात को जेब पे अपने ईमेल में साफ़ तरीके से सूचित किया है।

इस साल भारत में बिटकॉइन का अंगीकरण अच्छा रहा है। बिटकॉइन और क्रिप्टो करेंसी के क्षेत्र में अनेक सुविधा और सेवा प्रदाताओं ने अपने कंपनी खोले है। इन कंपनियों में ज़ेब पे (Zebpay), कॉइनसिक्योर  (CoinSecure) और उनोकॉइन (UnoCoin) काफी विख्यात है।  इन कंपनियों के वजह से  आज-कल निवेशकों बिटकॉइन के ऊपर ध्यान देना शुरू किया है।

अभी तक बिटकॉइन के बारे में सरकार निष्पक्ष राय लिया है और भारतीय रिजर्व बैंक अभी बी बिटकॉइन और क्रिप्टो करेंसी के निरीक्षण में लगे हुए है। जैसे भारत देश के लोगों को बिटकॉइन में दिलचस्पी बद रही है, उसी रफ्तार में ये कंपनियाँ भी उनके उपभोक्ताओं में सुधार देख रहे है।

कूची सालों में भारत, बिटकॉइन क्षेत्र में मशहूर होने का संभावना  रक्त है और हम  बे यही आशा करते है की ज़्यादा से ज़्यादा भारत वासियों बिटकॉइन के अनुसरण करेंगे और भारत के उन्नति में सहयोग दे।

रतन टाटा (Ratan Tata), जो टाटा ग्रुप के चेयरमैन है उन्होंने इस अक्तूबर में आबरा (Abra) नामक एक अमरीकी कंपनी में निवेशन किया है । टाटा के साथ अमेरिकन एक्सप्रेस (American Express) भी इस कंपनी में निवेशन किया है। आबरा अपने App  के जरिये बिटकॉइन और बिटकॉइन जैसा डिजिटल करेंसी भेजने का, प्राप्त करने का और संग्रह करने का संविदाएँ देता है । यह App शीघ्र अमरीका और फिलीपींस के निवासियों के लिए उपलब्ध होगा ।

इस महीने कॉइनसिक्योर (CoinSecure), अपने ग्राहकों को  क्रिसमस के त्योहार के अवसर पर एक खास तोहफे का घोषणा किया है| बंगलोरे में स्थित कॉइनसिक्योर भारत का एक मशहूर बिटकॉइन व्यापार और विनिमय मंच है । यह कंपनी कल अपने सभी ग्राहकों को क्रिसमस प्रस्ताव के बारे में सन्देश बजे है ।

इस बार, क्रिसमस और नव वर्ष के अवसर पर कॉइनसिक्योर अपने ग्राहकों को शून्य प्रति शत शुल्क में बिटकॉइन व्यापार और विनिमय करने का मौका दे रहा है । ये  फायदा  31 दिसंबर की रात 23:59 घंटे तक उपलब्ध रहेगा|

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इसके अलावा कॉइनसिक्योर अपने तरफ से चेन्नई के प्रवाह पीड़ित जनसंख्या को मदद करने की कोशिश में डोनेशन (donation) अभियान चला रहा है| भारत का एक और बिटकॉइन मंच , उनोकॉइन (UnoCoin) भी अपने तरफ से बिटकॉइन डोनेशन अभियान चला रहा है| इस से पहले भी भारतीय बिटकॉइन कंपनियों ने नेपाल भूकंप राहत के लिया बिटकॉइन के ज़रिये पैसे इकट्ठा किये थे|